Skip to content

जनवाद टाइम्स

Primary Menu
  • Home
  • Latest News
  • National
  • Uttar Pradesh
  • Bihar
  • Education
  • Politics
  • Jobs
  • Crime
  • Technology
  • Health
  • Business
  • Sports
  • Live TV
  • Contact Us
Light/Dark Button
  • Bihar
  • Breaking News

बेतिया में चार लेबर कोड के विरोध में जुलूस, काला कानून बताकर प्रतियां जलाईं

जनवाद टाइम्स 12 February 2026
बेतिया में चार लेबर कोड के विरोध में जुलूस, काला कानून बताकर प्रतियां जलाईं
Share News
       

बेतिया/पश्चिमी चंपारण। चार लेबर कोड के विरोध में ट्रेड यूनियन सेंटर ऑफ इंडिया (टीयूसीआई) की जिला कमिटी के नेतृत्व में बेतिया में विरोध जुलूस निकाला गया। जुलूस शहीद स्मारक से शुरू होकर समाहरणालय गेट तक पहुंचा, जहां सभा आयोजित की गई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने श्रम संहिताओं को काला कानून बताते हुए उनकी प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराया।

बेतिया में चार लेबर कोड के विरोध में जुलूस, काला कानून बताकर प्रतियां जलाईं

सभा को संबोधित करते हुए टीयूसीआई के केंद्रीय कमिटी सदस्य सह भाकपा (माले) रेड फ्लैग के राज्य सचिव कॉमरेड रवीन्द्र कुमार ‘रवि’ ने कहा कि श्रम संहिताओं से सभी श्रमिकों को

न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा मिलने का दावा बेबुनियाद है। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र के अधिकांश मजदूर इन प्रावधानों के दायरे से बाहर हैं और नए प्रावधानों से संगठित क्षेत्र के कई श्रमिक भी कानूनी सुरक्षा से वंचित हो रहे हैं।

उन्होंने इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड का उल्लेख करते हुए कहा कि 300 से कम श्रमिकों वाले प्रतिष्ठानों को छंटनी और बंदी के लिए सरकारी अनुमति से छूट दी गई है, जबकि पहले यह सीमा 100 थी। साथ ही छोटे उद्योगों को सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थितियों से जुड़े कई प्रावधानों से बाहर रखा गया है।

टीयूसीआई नेताओं ने वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण (ASI) 2021–22 के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 100 से कम श्रमिकों वाले कारखाने कुल कारखानों का बड़ा हिस्सा हैं, जिससे बड़ी संख्या में मजदूर सुरक्षा दायरे से बाहर हो जाएंगे। उन्होंने ₹26,000 मासिक न्यूनतम वेतन की मांग दोहराई और सरकार से स्पष्ट न्यूनतम वेतन व उसके प्रवर्तन की स्थिति सार्वजनिक करने को कहा।

जिला संयोजक हरिशंकर प्रसाद ने कहा कि 8 घंटे के कार्यदिवस की व्यवस्था को कमजोर कर 12 घंटे तक काम को वैध बनाने की कोशिश संविधान के अनुच्छेद 42 की भावना के खिलाफ है। पूर्व निगम पार्षद रीता रवि ने कहा कि श्रम संहिताएं स्थायी रोजगार और सेवानिवृत्ति लाभों को कमजोर करती हैं तथा इन्हें रद्द किया जाना चाहिए।

सभा को अवधेश राम, रसूल मियां, राजू राम, भगेलू राम, महंथ राम, चंदा देवी सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया।

Post navigation

Previous: चार श्रम कोड संविधान पर हमला, देशव्यापी हड़ताल सफल: वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता | भारत-अमेरिका कृषि समझौता रद्द करने की मांग
Next: ब्रज मोहन दास महाविद्यालय दयालपुर में एथलेटिक मीट 2026 आयोजित, विभिन्न स्पर्धाओं में छात्रों ने जीते पदक

 

राशिफल

News Archive

IMG-20260708-WA0025
  • Breaking News
  • Uttar Pradesh

आजमगढ़ न्यूज: बिजली के इंतजार में कंपोजिट स्कूल अनंतपुर, आईसीटी लैब के कंप्यूटर बने शोपीस

जनवाद टाइम्स 8 July 2026
IMG-20260708-WA0005
  • Agra
  • Breaking News
  • Uttar Pradesh

Agra News :आगरा रिंग रोड पर बड़ा खतरा: रहनकला टोल प्लाजा के पास आवारा पशुओं का जमावड़ा, हादसे का अंदेशा

जनवाद टाइम्स 8 July 2026
IMG-20260707-WA0026
  • Breaking News
  • Uttar Pradesh

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतापगढ़ को ₹384.71 करोड़ की 111 विकास परियोजनाओं की दी सौगात

जनवाद टाइम्स 7 July 2026
IMG-20260707-WA0016
  • Breaking News
  • Bihar
  • West Champaran (Betiah)

भारत-नेपाल सीमा पर यूक्रेनी महिला हिरासत में, सुरक्षा एजेंसियां कर रहीं पूछताछ

जनवाद टाइम्स 7 July 2026

Latest News

  • आजमगढ़ न्यूज: बिजली के इंतजार में कंपोजिट स्कूल अनंतपुर, आईसीटी लैब के कंप्यूटर बने शोपीस
  • Agra News :आगरा रिंग रोड पर बड़ा खतरा: रहनकला टोल प्लाजा के पास आवारा पशुओं का जमावड़ा, हादसे का अंदेशा
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतापगढ़ को ₹384.71 करोड़ की 111 विकास परियोजनाओं की दी सौगात
  • भारत-नेपाल सीमा पर यूक्रेनी महिला हिरासत में, सुरक्षा एजेंसियां कर रहीं पूछताछ
  • योजनाओं का लाभ पहुंचाना मेरी प्राथमिकता: महापौर गरिमा देवी सिकारिया
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Condition
  • Disclaimer
  • Advertise With Us
Copyright © All Rights Reserved I Janvad Times | MoreNews by AF themes.